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7 योगासन, जो हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से परेशान लोगों को दे सकते हैं आराम:-
1. नौकासन (Naukasana / Boat Pose)
नौकासन बैठकर किया जाने वाला इंटरमीडिà¤à¤Ÿ लेवल या मधà¥à¤¯à¤® ​सà¥à¤¤à¤° की कठिनाई वाला योगासन है। इस आसन को करने के दौरान शरीर अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के अकà¥à¤·à¤° V की आ​कृति बना लेता है। नौकासन को सिकà¥à¤¸ पैक योगासन का हिसà¥à¤¸à¤¾ माना जाता है।
नौकासन आपकी
लोअर बैक
बाइसेपà¥à¤¸ और टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤¸
कोर (à¤à¤¬à¥à¤¸)
पैर के पंजे और टखने
कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤¸
को मजबूत बनाता है।
नौकासन के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पेट पर दबाव पड़ता है और à¤à¤¬à¥à¤¸ मजबूत होने लगते हैं। इसीलिठये आसन कमजोर मांसपेशियों के कारण होने वाले हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के उपचार में काफी मदद कर सकता है। इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 10 से 20 सेकेंड तक करने की सलाह दी जाती है।
नौकासन करने की विधि :
नौकासन के लिठयोग मैट पर सीधे बैठजाà¤à¤‚।
टांगें आपके सामने सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करके रखें।
दोनों हाथों को हिपà¥à¤¸ से थोड़ा पीछे की तरफ फरà¥à¤¶ पर रखें।
शरीर को ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को à¤à¤•दम सीधा रखें।
सांस को बाहर की तरफ छोड़ें।
पैरों को फरà¥à¤¶ से 45 डिगà¥à¤°à¥€ के कोण पर उठाà¤à¤‚।
टेलबोन को बढ़ाà¤à¤‚ और हिपà¥à¤¸ को नाà¤à¤¿ के करीब ले आà¤à¤‚।
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मजबूत करें। अपने टखने को सीधा करें।
टखनों को उठाकर आंख की सीध में ले आà¤à¤‚।
इस दौरान आप अपने बट और टेलबोन पर बैठे होंगे।
हाथों को ऊंचा उठाà¤à¤‚ और फरà¥à¤¶ के समानांतर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें।
सामानà¥à¤¯ गति से सांस लेते और छोड़ते रहें।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 10 से 20 सेकेंड तक बने रहें।
अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ हो जाने पर समय बढ़ा दें।
सांस छोड़ते हà¥à¤ धीरे-धीरे आसन को छोड़ दें।
2. उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ (Uttanasana / Standing Forward Bend Pose)
उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ मधà¥à¤¯à¤® कठिनाई वाला हठयोग की शैली का आसन है। इसे करने की अवधि 15 से 30 सेकेंड के बीच होनी चाहिà¤à¥¤ इसमें किसी दोहराव की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से हिपà¥à¤¸, हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚ग, और कावà¥à¤¸ पर खिंचाव आता है जबकि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और जांघें मजबूत हो जाती हैं।
इसके अलावा, हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ योग के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पेट की मांसपेशियों को अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मिलता है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मिलने के कारण पेट की मांसपेशियों से दिखने वाले अंग बाहर से दिखना बंद हो जाते हैं।
उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि :
योग मैट पर सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚ और दोनों हाथ हिपà¥à¤¸ पर रख लें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° खींचते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाà¤à¤‚।
कमर को मोड़ते हà¥à¤ आगे की तरफ à¤à¥à¤•ें।
शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें।
हिपà¥à¤¸ और टेलबोन को हलà¥à¤•ा सा पीछे की ओर ले जाà¤à¤‚।
धीरे-धीरे हिपà¥à¤¸ को ऊपर की ओर उठाà¤à¤‚ और दबाव ऊपरी जांघों पर आने लगेगा।
अपने हाथों से टखने को पीछे की ओर से पकड़ें।
आपके पैर à¤à¤•-दूसरे के समानांतर रहेंगे।
आपका सीना पैर के ऊपर छूता रहेगा।
सीने की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पà¥à¤¯à¥‚बिस के बीच चौड़ा सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ रहेगा।
जांघों को à¤à¥€à¤¤à¤° की तरफ दबाà¤à¤‚ और शरीर को à¤à¤¡à¤¼à¥€ के बल सà¥à¤¥à¤¿à¤° बनाठरखें।
सिर को नीचे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और टांगों के बीच से à¤à¤¾à¤‚ककर देखते रहें।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 15-30 सेकेंड तक सà¥à¤¥à¤¿à¤° बने रहें।
जब आप इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को छोड़ना चाहें तो पेट और नीचे के अंगों को सिकोड़ें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें और हाथों को हिपà¥à¤¸ पर रखें।
धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठें और सामानà¥à¤¯ होकर खड़े हो जाà¤à¤‚।
3. हनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ (Hanumanasana / Monkey Pose)
हनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ को हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ आसन (Hanuman Asana), मरà¥à¤•टासन (Markatasana), मंकी पोज (Monkey Pose) या सà¥à¤ªà¤¿à¤²à¤Ÿà¥à¤¸ पोज (Splits Pose) à¤à¥€ कहा जाता है। ये आसन हठऔर विनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ शैली का चरम या à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ लेवल की​ कठिनाई वाला योगासन है। इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 30 से 60 सेकेंड तक करने की सलाह दी जाती है।
हनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से जांघों में होने वाले हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ रूप से दूर किया जा सकता है। हनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से जांघों की मांसपेशियां जबरदसà¥à¤¤ तरीके से मजबूत हो जाती हैं।
मांसपेशियों की मजबूती के कारण à¤à¥€à¤¤à¤° से à¤à¤¾à¤‚कने वाला मांस या वसा की परत काफी हद तक कंटà¥à¤°à¥‡à¤¾à¤² में आ जाती है। लेकिन इस आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बाद ही करना चाहिà¤à¥¤
हनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि :
फरà¥à¤¶ पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के बल बैठजाà¤à¤‚।
दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच में थोड़ा अंतर जरूर रखें।
सांस à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर ​खींचें।
दाà¤à¤‚ पैर को आगे बढ़ाà¤à¤‚ और पैर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को उठाकर रखें।
à¤à¤¡à¤¼à¥€ का बाहरी हिसà¥à¤¸à¤¾ फरà¥à¤¶ को छूता रहे।
सांस को छोड़ते हà¥à¤ धड़ को आगे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚।
इसके बाद अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पोर से फरà¥à¤¶ को छà¥à¤à¤‚।
अब, बाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को पीछे की तरफ ले जाà¤à¤‚।
पैर के सामने का हिसà¥à¤¸à¤¾ और घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾ फरà¥à¤¶ को छूने न लगे।
अà¤à¥€ à¤à¥€, दाà¤à¤‚ पैर को आगे की तरफ खींचकर रखें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि, टखने ऊपर की तरफ रहेंगे।
बाà¤à¤‚ पैर को पीछे की तरफ खींचकर रखें।
बाà¤à¤‚ पैर का टखना à¤à¥€ फरà¥à¤¶ को छूता रहेगा।
दोनों हाथों को सिर से ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
सिर के ऊपर हथेली जोड़कर नमसà¥à¤•ार करें।
अब दोनों हाथों को ऊपर की तरफ खींचें।
अब धीरे-धीरे अपनी पीठको सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° मोड़ें।
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤• मिनट तक बने रहें।
आसन से बाहर आने के लिठशरीर का à¤à¤¾à¤° हाथों पर शिफà¥à¤Ÿ करें।
हाथों को फरà¥à¤¶ पर मजबूती से फरà¥à¤¶ की तरफ दबाà¤à¤‚।
दोनों पैरों को धीरे-धीरे वापस खींचते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ पोजिशन में ले आà¤à¤‚।
अब इसी आसन को अपने बाà¤à¤‚ पैर को आगे रखते हà¥à¤ करें।
4. पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ (Pawanmuktasana / Wind Relieving Pose)
पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ पेट के पाचन तंतà¥à¤° (Digestive Tract) से अनावशà¥à¤¯à¤• गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिठइसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में हवा बाहर निकालने का आसन (Wind Releasing Pose) कहा जाता है। पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ à¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ आसन है, जो अचà¥à¤›à¥‡ पाचन के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाता है।
पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ पेट à¤à¤µà¤‚ कमर की मांसपेशियों के खिंचाव को (Tone) करने में मदद करता है। खराब पाचन (Indigestion) या हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से पीड़ित मरीजों को आमतौर पर पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ करने की ही सलाह दी जाती है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इस आसन को करने में थोड़ी कठिनाई जरूर होती है, लेकिन नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ को बड़े आसानी से किया जा सकता है। हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ये योगासन कारगर तरीके से दूर कर सकता है।
पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि :
योग मैट पर पेट के बल शवासन (Shavasana) में लेट जाà¤à¤‚।
बाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को मोड़ते हà¥à¤ उसे पेट के पास तक ले आà¤à¤‚।
सांस छोड़ते हà¥à¤ दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाà¤à¤‚।
अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे रखेंगे।
अब बाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से सीने को छूने की कोशिश कीजिà¤à¥¤
सिर जमीन से ऊपर उठाà¤à¤‚ और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को नाक से छूने की कोशिश करें।
नाक को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से छूने के बाद 10 से 30 सेकेंड तक इसी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में र​हें।
धीरे-धीरे सांस छोड़ते हà¥à¤ सामानà¥à¤¯ हो जाà¤à¤‚।
अब यही पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दाà¤à¤‚ पैर से à¤à¥€ कीजिà¤à¥¤
à¤à¤• योग सेशन में 3 से 5 बार इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को दोहराà¤à¤‚।
5. हलासन (Halasana / Plough Pose)
हलासन को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में Halasana और Plow Pose à¤à¥€ कहा जाता है। हलासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 30 से 60 सेकेंड तक करने की सलाह दी जाती है। इसमें कोई दोहराव नहीं होता है।
हलासन, हठयोग का आसन है। ये साधारण कठिनाई वाला आसन माना जाता है। इसे करने की अवधि 30 से 60 सेकेंड तक बताई गई है। इसे करने के बाद किसी किसà¥à¤® का दोहराव नहीं करना पड़ता है। हलासन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से कंधे और पसलियों को अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मिलता है। जबकि ये सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ और गरà¥à¤¦à¤¨ को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
हलासन के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पेट के हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ में विशेष लाठमिलता है। जब हलासन में पैरों से पीछे à¤à¥‚मि को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ किया जाता है तो, पेट पर विशेष दबाव पड़ता है। इस दबाव के कारण ही पेट की मांसपेशियां मजबूत और लचीली होने लगती हैं। जिससे à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ अंगों का बाहर से दिखना बंद हो जाता है।
हलासन करने की विधि :
योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
अपने हाथों को शरीर से सटा लें। हथेलियां जमीन की तरफ रहेंगी।
सांस à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचते हà¥à¤ पैरों को ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
टांगे कमर से 90 डिगà¥à¤°à¥€ का कोण बनाà¤à¤‚गी। दबाव पेट की मांसपेशियों पर रहेगा।
टांगों को ऊपर उठाते हà¥à¤ अपने हाथों से कमर को सहारा दें।
सीधी टांगों को सिर की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और पैरों को सिर के पीछे ले जाà¤à¤‚।
पैरों के अंगूठे से जमीन को छà¥à¤à¤‚गे।
हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा रख लें। हथेली नीचे की तरफ रहेगी।
कमर जमीन के समानांतर रहेगी। इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤• मिनट तक बने रहें
सांसों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें सांस छोड़ते हà¥à¤, टांगों को वापस जमीन पर ले आà¤à¤‚।
आसन को छोड़ते हà¥à¤ जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ न करें।
टांगों को à¤à¤• समान गति से ही सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस लेकर आà¤à¤‚।
6. विपरीत करणी (Viparita Karani / Legs Up The Wall Pose)
विपरीत करणी योगासन रीसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ योग का हिसà¥à¤¸à¤¾ है जो, शरीर को हà¥à¤ नà¥à¤•सान की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करता है। इसमें शरीर को उलà¥à¤Ÿà¤¾ रखना होता है। ये शरीर में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लेवल को कम करता है जिससे बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का लेवल कम रहता है। ये सिरदरà¥à¤¦ को दूर रखता हैठà¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करता है और बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बढ़ाने में मदद करता है।
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ में ये पेट को सपोरà¥à¤Ÿ करता है। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पेट की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं। खासतौर पर नाà¤à¤¿ के आसपास के हिसà¥à¤¸à¥‡ में होने वाली हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की शिकायत में ये योगासन बहà¥à¤¤ ही पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीके से काम करता है। ये जांघों को à¤à¥€ मजबूत बनाने में सहयोग करता है।
ये आसन शरीर की निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित मसलà¥à¤¸ पर काम करता है :
हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚गà¥à¤¸
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• मसलà¥à¤¸
लोअर बैक
सामने का धड़
गरà¥à¤¦à¤¨ के पीछे का हिसà¥à¤¸à¤¾
विपरीत करणी योग करने की विधि :
योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
दोनों हाथ और पैरों को जमीन पर सीधा रखें।
धीरे.धीरे दोनों पैरों को ऊपर उठाà¤à¤‚।
ऊपर के शरीर को फरà¥à¤¶ पर ही रखा रहने दें।
दोनों पैरों को 90 डिगà¥à¤°à¥€ कोण तक ऊपर उठाà¤à¤‚।
आराम पाने के लिठकूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के नीचे तकिया या कंबल को मोड़कर रख लें।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपकी पीठऔर सिर फरà¥à¤¶ पर आराम कर रहे हैं।
आंखों को बंद करें और इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 5.15 मिनट के लिठरà¥à¤•ें।
7. पादहसà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ (Padahastasana / Hand To Foot Pose)
पादहसà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ मधà¥à¤¯à¤® कठिनाई वाला हठयोग की शैली का आसन है। इसे करने की अवधि 15 से 30 सेकेंड के बीच होनी चाहिà¤à¥¤ इसमें किसी दोहराव की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। पादहसà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से हिपà¥à¤¸, हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚ग, और कावà¥à¤¸ पर खिंचाव आता है जबकि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और जांघें मजबूत हो जाती हैं।
इस आसन का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° शरीर में पीठके निचले, मधà¥à¤¯ और ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ तक है, गरà¥à¤¦à¤¨ से आसन का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सिर तक जाता है, फिर माथे तक, और à¤à¥Œà¤‚हों के बीच में समापà¥à¤¤ होता है। इस आसन के दौरान शरीर की मांसपेशियां और संयोजी ऊतक पूरे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° में फैल जाते हैं।
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर रोज इस आसन को करने की सलाह दी जाती है। पादहसà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पेट की मांसपेशियां सà¥à¤—ठित होने लगती हैं। पेट की सà¥à¤—ठित मांसपेशियां à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ अंगों या फैट सेलà¥à¤¸ को बाहर निकलने से रोक पाती हैं। योग का ये आसन शरीर में हà¥à¤ किसी à¤à¥€ किसà¥à¤® के हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के उपचार में कारगर है।
पादहसà¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि :
योग मैट पर सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚ और दोनों हाथ हिपà¥à¤¸ पर रख लें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° खींचते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाà¤à¤‚।
कमर को मोड़ते हà¥à¤ आगे की तरफ à¤à¥à¤•ें।
शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें।
हिपà¥à¤¸ और टेलबोन को हलà¥à¤•ा सा पीछे की ओर ले जाà¤à¤‚।
धीरे-धीरे हिपà¥à¤¸ को ऊपर की ओर उठाà¤à¤‚ और दबाव ऊपरी जांघों पर आने लगेगा।
अपने हाथों को पैर के पंजे के नीचे दबा लें।
आपके पैर à¤à¤•-दूसरे के समानांतर रहेंगे।
आपका सीना पैर के ऊपर छूता रहेगा।
सीने की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पà¥à¤¯à¥‚बिस के बीच चौड़ा सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ रहेगा।
जांघों को à¤à¥€à¤¤à¤° की तरफ दबाà¤à¤‚ और शरीर को à¤à¤¡à¤¼à¥€ के बल सà¥à¤¥à¤¿à¤° बनाठरखें।
सिर को नीचे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और टांगों के बीच से à¤à¤¾à¤‚ककर देखते रहें।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 15-30 सेकेंड तक सà¥à¤¥à¤¿à¤° बने रहें।
जब आप इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को छोड़ना चाहें तो पेट और नीचे के अंगों को सिकोड़ें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें और हाथों को हिपà¥à¤¸ पर रखें।
धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठें और सामानà¥à¤¯ होकर खड़े हो जाà¤à¤‚।
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